Friday, August 23, 2019

वांग छी अब अपने भारतीय परिवार से मिलने के लिए तरसे

भारत में 54 साल फंसे रहने के बाद 2017 में आख़िरकार चीन पहुंचने वाले चीनी सैनिक वांग छी अब अपने भारतीय परिवार से मिलने भारत नहीं आ पा रहे हैं.

कारण है कि चार महीनों से ज़्यादा इंतज़ार के बाद भी उन्हें बीज़िंग स्थित भारतीय दूतावास से वीज़ा नहीं मिल पा रहा है.

वांग छी के मुताबिक साल 1963 में वो गलती से भारत में घुस गए थे और पकड़े गए थे. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक वो भारत में बिना कागज़ात के घुसे.

करीब 54 साल भारत में बिताने के बाद 2017 में वो चीन के अपने घर जा पाए थे और अब अपने भारतीय परिवार से मिलने भारत आना चाहते हैं.

वीज़ा में देरी पर हमने बीज़िंग स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया लेकिन कई दिनों के इंतज़ार के बावजूद अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिल पाया है.

वांग छी अभी चीन के शांक्सी राज्य के शियानयांग इलाके में हैं जहां उनका चीनी परिवार रहता है.

उनका बेटा, दो बेटियां, पोता-पोती मध्य प्रदेश के तिरोड़ी में रहते हैं. साल 2017 में उनकी पत्नी सुशीला की मौत हो गई.

वांग छी वीज़ा में महीनों की इस देरी और दूतावास की ओर से साफ़ जवाब न मिलने से बेहद गुस्से में हैं.

चीनी अंदाज़ में बोली जाने वाली तेज़ हिंदी में उन्होंने फ़ोन पर उन्होंने बताया, "(उन्होंने) हमारे साथ 54 साल खेल किया. अब वीज़ा के लिए क्यों खेल करते हो? आप हमें क्यों परेशान करते हैं… 80 साल हो गए हैं लड़ते-लड़ते. कितना लड़ें?"

वांग छी विभिन्न जेलों में छह से सात साल रहे और उसके बाद उन्हें मध्य प्रदेश के एक गांव तिरोड़ी में छोड़ दिया गया.

बीबीसी में कहानी छपने के बाद भारत और चीन की मीडिया में इसे लेकर भारी प्रतिक्रिया हुई जिस कारण दोनो देशों के अधिकारियों में बात हुई.

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